पीएम विश्वकर्मा योजना: दर्जी कारीगरों को मिल रहा ₹15,000 टूलकिट प्रोत्साहन और मुफ्त सिलाई ट्रेनिंग

पीएम विश्वकर्मा योजना में दर्जी को ₹15,000 ई-वाउचर, 5-15 दिन मुफ्त ट्रेनिंग, ₹500 दैनिक भत्ता और 5% ब्याज पर ₹3 लाख लोन। आवेदन CSC या pmvishwakarma.gov.in पर करें।

पीएम विश्वकर्मा योजना: दर्जी कारीगरों को मिल रहा ₹15,000 टूलकिट प्रोत्साहन और मुफ्त सिलाई ट्रेनिंग
पीएम विश्वकर्मा योजना: दर्जी कारीगरों को मिल रहा ₹15,000 टूलकिट प्रोत्साहन और मुफ्त सिलाई ट्रेनिंग

भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही पीएम विश्वकर्मा योजना पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के तहत दर्जी (टेलर) ट्रेड में काम करने वाले या सीखने वाले लोगों को आधुनिक सिलाई मशीन समेत टूलकिट खरीदने के लिए ₹15,000 का ई-वाउचर, मुफ्त कौशल प्रशिक्षण और कम ब्याज पर ऋण की सुविधा दी जा रही है। योजना का उद्देश्य पारंपरिक हुनर को आधुनिक बनाना और कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाना है।

योजना की मुख्य विशेषताएं और लाभ

पीएम विश्वकर्मा योजना में सीधे मशीन नहीं दी जाती, बल्कि मशीन और अन्य औजार खरीदने के लिए ₹15,000 तक का टूलकिट ई-वाउचर प्रदान किया जाता है। यह ई-वाउचर निर्धारित विक्रेताओं पर ही उपयोग किया जा सकता है। साथ ही 5 से 15 दिनों की मुफ्त दर्जी ट्रेनिंग दी जाती है, जिसके दौरान हर दिन ₹500 का स्टाइपेंड मिलता है। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए 5 प्रतिशत की रियायती ब्याज दर पर बिना गारंटी ₹3 लाख तक का ऋण उपलब्ध है। पहला चरण में ₹1 लाख और सफल चुकौती के बाद दूसरे चरण में ₹2 लाख का ऋण मिल सकता है।

पात्रता शर्तें क्या हैं?

आवेदन करने वाले की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। आवेदक को दर्जी ट्रेड में स्व-रोजगार के आधार पर काम करना चाहिए या सक्रिय रूप से जुड़े होना चाहिए। परिवार में केवल एक सदस्य ही योजना का लाभ ले सकता है। सरकारी कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य पात्र नहीं हैं। पिछले पांच वर्षों में पीएमईजीपी, मुद्रा या पीएम स्वनिधि जैसे समान ऋण योजनाओं का लाभ लेने वाले भी आमतौर पर पात्र नहीं माने जाते। आधार कार्ड मोबाइल नंबर से लिंक होना अनिवार्य है।

आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज

आवेदन नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) पर जाकर किया जा सकता है। आधिकारिक वेबसाइट pmvishwakarma.gov.in पर भी जानकारी उपलब्ध है, लेकिन पंजीकरण मुख्य रूप से सीएससी के माध्यम से ही होता है। आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य है। जरूरी दस्तावेजों में आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर, बैंक पासबुक और पासपोर्ट साइज फोटो शामिल हैं। स्थानीय सत्यापन के बाद कौशल मूल्यांकन और बेसिक ट्रेनिंग शुरू होती है, जिसके बाद टूलकिट ई-वाउचर जारी किया जाता है।

टूलकिट में क्या-क्या शामिल हो सकता है?

दर्जी ट्रेड के लिए टूलकिट में औद्योगिक सिलाई मशीन, कैंची, माप टेप, चाक, सिलाई के अन्य उपकरण और संबंधित औजार शामिल हो सकते हैं। ई-वाउचर का उपयोग केवल अनुमोदित सूची के औजार खरीदने के लिए ही किया जा सकता है। इससे कारीगर अपने काम की गुणवत्ता और गति बढ़ा सकते हैं।

योजना का व्यापक प्रभाव

योजना के तहत देशभर में लाखों कारीगरों को ट्रेनिंग और टूलकिट मिल चुके हैं। यह पहल पारंपरिक व्यवसायों को नई तकनीक से जोड़कर आय बढ़ाने और बाजार तक पहुंच बनाने में मदद कर रही है। डिजिटल लेनदेन प्रोत्साहन और मार्केटिंग सहायता भी योजना का हिस्सा है।

निष्कर्ष: पीएम विश्वकर्मा योजना दर्जी कारीगरों के लिए स्वरोजगार का मजबूत आधार तैयार कर रही है। सही दस्तावेजों के साथ सीएससी पहुंचकर आवेदन करने वाले लाभार्थी आधुनिक मशीन, कौशल और पूंजी तीनों प्राप्त कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन से संपर्क करें।