गर्भवती महिलाओं के लिए 2 बड़ी योजना केंद्र सरकार की योजना

गर्भवती महिलाओं के लिए केंद्र सरकार की दो बड़ी योजनाएं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और जननी सुरक्षा योजना। जानें लाभ राशि, पात्रता और आवेदन का तरीका।

गर्भवती महिलाओं के लिए 2 बड़ी योजना केंद्र सरकार की योजना
गर्भवती महिलाओं के लिए 2 बड़ी योजना केंद्र सरकार की योजना

भारत सरकार गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के स्वास्थ्य व पोषण को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) और जननी सुरक्षा योजना (JSY) इन्हीं प्रयासों की दो प्रमुख कड़ियां हैं। इन योजनाओं के जरिए महिलाओं को सीधे बैंक खाते में नकद राशि मिलती है, जिससे गर्भावस्था के दौरान पोषण, आराम और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिलता है। लाखों महिलाएं इन योजनाओं का लाभ उठा चुकी हैं और अभी भी नई लाभार्थियां जुड़ रही हैं।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना क्या है और कितना लाभ मिलता है

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना महिलाओं एवं बाल विकास मंत्रालय के अंतर्गत मिशन शक्ति के हिस्से के रूप में चल रही है। इसका मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिला की मजदूरी हानि की आंशिक भरपाई करना और बेहतर स्वास्थ्य व्यवहार को बढ़ावा देना है। पहले जीवित बच्चे के लिए कुल ₹5,000 की राशि दो किस्तों में दी जाती है। पहली किस्त ₹3,000 गर्भावस्था के पंजीकरण और कम से कम एक प्रसव पूर्व जांच (ANC) के बाद मिलती है। दूसरी किस्त ₹2,000 बच्चे के जन्म पंजीकरण और 14 सप्ताह तक अनिवार्य टीकाकरण पूरा होने पर जारी होती है।

दूसरे बच्चे के लिए लाभ तभी मिलता है जब वह लड़की हो। इस स्थिति में ₹6,000 की एकमुश्त राशि दी जाती है। यह प्रावधान कन्या भ्रूण हत्या को रोकने और बेटी के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण बढ़ाने के लिए लाया गया है। गर्भपात या मृत जन्म की स्थिति में महिला को अगली गर्भावस्था में नए लाभार्थी के रूप में माना जाता है। भुगतान सीधे आधार लिंक्ड बैंक या डाकघर खाते में डीबीटी के माध्यम से होता है।

जननी सुरक्षा योजना का उद्देश्य और लाभ राशि

जननी सुरक्षा योजना स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत चलाई जाती है। इसका मुख्य लक्ष्य गरीब गर्भवती महिलाओं में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देकर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करना है। निम्न प्रदर्शन वाले राज्यों (LPS) में ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को ₹1,400 और शहरी क्षेत्र में ₹1,000 मिलते हैं। उच्च प्रदर्शन वाले राज्यों (HPS) में ग्रामीण क्षेत्र के लिए ₹700 और शहरी के लिए ₹600 की राशि तय है। आशा कार्यकर्ता को भी प्रोत्साहन राशि मिलती है।

दोनों योजनाओं को मिलाकर पहली बार गर्भवती महिला को औसतन ₹6,000 तक का लाभ मिल सकता है। कुछ राज्यों में अतिरिक्त सहायता भी दी जाती है। संस्थागत प्रसव के बाद जननी सुरक्षा योजना का लाभ अलग से मिलता है, जिससे कुल आर्थिक संबल बढ़ जाता है।

पात्रता की शर्तें और आवश्यक दस्तावेज

PMMVY के लिए महिला की आयु प्रसव के समय 18 वर्ष 7 माह से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए। परिवार की वार्षिक आय ₹8 लाख से कम होनी चाहिए। अनुसूचित जाति-जनजाति, दिव्यांग (40 प्रतिशत या अधिक), बीपीएल राशन कार्ड धारक, ई-श्रम कार्ड, आयुष्मान भारत लाभार्थी, मनरेगा जॉब कार्ड धारक, पीएम किसान लाभार्थी महिला किसान और आंगनवाड़ी-आशा कार्यकर्ता जैसी श्रेणियां प्राथमिकता में आती हैं। केंद्र या राज्य सरकार तथा सार्वजनिक उपक्रमों की नियमित कर्मचारी महिलाएं पात्र नहीं हैं।

जननी सुरक्षा योजना में निम्न प्रदर्शन वाले राज्यों में सभी गर्भवती महिलाएं संस्थागत प्रसव पर पात्र हैं। उच्च प्रदर्शन वाले राज्यों में बीपीएल, एससी-एसटी महिलाओं पर विशेष ध्यान दिया जाता है। आवेदन के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्ड, गर्भावस्था पंजीकरण विवरण और आवश्यकतानुसार जाति या आय प्रमाण पत्र चाहिए।

आवेदन प्रक्रिया और लाभ कैसे प्राप्त करें

PMMVY के लिए नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र या स्वीकृत स्वास्थ्य सुविधा केंद्र पर जाकर गर्भावस्था पंजीकरण कराना सबसे आसान तरीका है। आधिकारिक पोर्टल pmmvy.wcd.gov.in पर भी ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। आशा या आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मदद करती हैं। आवेदन गर्भावस्था या प्रसव के 270 दिनों के अंदर करना चाहिए। जननी सुरक्षा योजना का लाभ प्रसव के समय स्वास्थ्य केंद्र पर उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर मिलता है। दोनों योजनाओं का लाभ एक साथ लिया जा सकता है।

योजनाओं की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि करोड़ों महिलाओं को अब तक हजारों करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है। ये राशियां महिलाओं को गर्भावस्था के कठिन समय में पोषण खरीदने, आराम करने और बच्चे की देखभाल करने में वास्तविक मदद करती हैं।

निष्कर्ष: प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और जननी सुरक्षा योजना गर्भवती महिलाओं के लिए मजबूत आर्थिक सुरक्षा कवच हैं। सही समय पर पंजीकरण और आवश्यक जांच-टीकाकरण कराने से हर पात्र महिला इन लाभों का पूरा फायदा उठा सकती है। स्वस्थ मां और स्वस्थ बच्चा ही राष्ट्र का भविष्य हैं।