खादी रोजगार उत्सव: सिवानी में 3645 मशीनें बांटी, हरियाणा के हजारों कारीगरों को नई उड़ान
हरियाणा के सिवानी में खादी रोजगार उत्सव का आयोजन, केवीआईसी ने 3645 मशीनें और टूलकिट वितरित किए। पीएमईजीपी योजना के तहत 504 करोड़ की सब्सिडी जारी, 58 हजार से ज्यादा कारीगरों को रोजगार। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम।
खादी रोजगार उत्सव:- हरियाणा के भिवानी जिले में स्थित सिवानी के न्यू ग्रेन मार्केट कॉम्प्लेक्स में 'खादी रोजगार उत्सव' का भव्य आयोजन किया गया। खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के अध्यक्ष श्री मनोज गोयल और हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया और कारीगरों को आधुनिक मशीनें तथा टूलकिट वितरित किए। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत 2047, आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल के विजन को जमीन पर उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
केवीआईसी और हरियाणा सरकार का संयुक्त प्रयास
बुधवार को आयोजित इस उत्सव में ग्राम उद्योग विकास योजना (जीवीवाई) के तहत हरियाणा सहित देशभर के 972 कारीगरों को कुल 3,645 आधुनिक मशीनें और टूलकिट सौंपी गईं। इनमें 700 मधुमक्खी पालकों के लिए छत्ते और कॉलोनियां, 220 बिजली चालित मिट्टी के बर्तन बनाने के चाक, 100 सिलाई मशीनें, लकड़ी के औजार, जूते बनाने के उपकरण, पारंपरिक चरखे और पत्ती-प्लेट बनाने की मशीनें शामिल थीं। साथ ही सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 2,350 मधुमक्खी के डब्बे ऑनलाइन वितरित किए गए।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के अंतर्गत देशभर में 22,259 नई इकाइयों के लिए 504.68 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी भी जारी की गई। बैंकों द्वारा लगभग 1,485 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए गए हैं, जिनसे करीब 2.45 लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। हरियाणा में 253 परियोजनाओं के लिए 7.50 करोड़ रुपये सब्सिडी और 23.19 करोड़ रुपये बैंक ऋण मंजूर हुए हैं, जिससे राज्य में 2,783 नए रोजगार सृजित होंगे।
खादी का ऐतिहासिक महत्व और वर्तमान संदर्भ
स्वतंत्रता संग्राम के समय खादी ने ब्रिटिश आर्थिक व्यवस्था को चुनौती दी थी। आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में खादी स्वरोजगार, आत्मसम्मान और स्वदेशी का प्रतीक बन गई है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि "देश के लिए खादी, फैशन के लिए खादी और परिवर्तन के लिए खादी" का मंत्र अब साकार हो रहा है। उन्होंने लाभार्थियों नेहा, अंजली, रितु, सुदेश, पिंकी, साधना, गुंजन शर्मा और अन्य कारीगरों को व्यक्तिगत रूप से मशीनें प्रदान कीं।
हरियाणा में 96 सक्रिय खादी संस्थानों के माध्यम से 58,796 कारीगरों को रोजगार मिल रहा है। ग्राम उद्योग विकास योजना के तहत 1.27 लाख से अधिक लोगों को लाभ पहुंचा है और अब तक 5,533 मशीनें वितरित की जा चुकी हैं। पिछले 12 वर्षों में पीएमईजीपी के तहत राज्य में 18,683 नई इकाइयां स्थापित हुई हैं, जिससे 1.50 लाख से ज्यादा रोजगार सृजित हुए।
महिला सशक्तिकरण में खादी की भूमिका
खादी क्षेत्र में 80 प्रतिशत कारीगर महिलाएं हैं। मुख्यमंत्री ने इसे महिला सशक्तिकरण की क्रांति बताया। उन्होंने कहा कि एक आत्मनिर्भर महिला पूरे परिवार, समाज और राष्ट्र को आगे ले जाती है। सरकार स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित कर रही है ताकि उनके उत्पाद स्थानीय बाजारों के साथ-साथ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के जरिए देश-विदेश पहुंच सकें।
केवीआईसी अध्यक्ष का संदेश और उपलब्धियां
केवीआईसी अध्यक्ष श्री मनोज गोयल ने कहा कि खादी और ग्रामोद्योग आयोग प्रधानमंत्री के विजन को साकार करने में निरंतर कार्यरत है। देश में खादी का कुल उत्पादन 1.25 लाख करोड़ रुपये और कारोबार 1.87 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इस क्षेत्र ने 2.04 करोड़ लोगों को रोजगार दिया है। लक्ष्य अब 2.51 लाख करोड़ रुपये का कारोबार है।
पिछले 12 वर्षों में पीएमईजीपी के तहत देशभर में 10.84 लाख नई इकाइयां स्थापित हुई हैं और 29,623 करोड़ रुपये की सब्सिडी से 97.95 लाख लोगों को रोजगार मिला। हरियाणा में अंबाला स्थित राज्य कार्यालय के प्रयासों से ये उपलब्धियां हासिल हुई हैं।
कार्यक्रम का व्यापक प्रभाव
इस उत्सव में खादी कारीगर, लाभार्थी और विभिन्न जिलों के अधिकारी शामिल हुए। यह कार्यक्रम मात्र मशीन वितरण तक सीमित नहीं था, बल्कि आत्मनिर्भर गांवों और समृद्ध भारत के निर्माण का संकल्प था। लाभार्थी अब न केवल खुद आत्मनिर्भर बनेंगे बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करेंगे।
निष्कर्ष: खादी रोजगार उत्सव ने 'वोकल फॉर लोकल' के संकल्प को मजबूती दी है। केवीआईसी और हरियाणा सरकार के प्रयासों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है और लाखों युवाओं, महिलाओं को स्वरोजगार का नया रास्ता मिल रहा है। यह विकास की उस यात्रा का हिस्सा है जो विकसित भारत 2047 की नींव रख रहा है।
DK Choudhary